कभी कभी नदी के बदले समुंदर भी नसीब होता है ,तारो की चाहत में चाँद भी करीब होता है!
खूबसूरती इतनी जो शब्दो से परे हो ,जो भी देखे ऐसी खूबसूरती सब कहे तुम मेरे हो ,तुम मेरे हो
हम भी पागल ,तुम भी पागल आओ चले मिलके पागलपन की महफ़िल सजाते है ! कुछ गाते है ,कुछ बजाते है ,मिलकर थोड़ा थोड़ा गुनगुनाते है !
काश इन आँखों के करीब हो पाता ! तम्मना थी साथ जीने और मरने की , दिल करता है इन आँखों मे बस देखता ही जाउ ,इन आँखों की खुशी के लिए काश हर सित्तम ढो पाता !
काश इन आँखों के करीब हो पाता ! तम्मना थी साथ जीने और मरने की ,पर नसीब के बिना कहा कुछ हो पाता ! दिल करता है इन आँखों मे बस देखता ही जाउ ,इन आँखों की खुशी के लिए काश हर सित्तम ढो पाता !
कौन कहता है चाँद आसमां में है , तुम्हे देखकर तो चाँद भी मुस्कराये ,शर्माए और कहे , मेरे जैसा तो कई इस जहाँ में है !
जिसका सोने का अंदाज़ ऐसा होगा ,सोचो जरा उसका मिजाज कैसा होगा !☺️
इश्क़ इश्क़ सब कहे इश्क़ का रंग ना जाने कोई , चेहरे और जिस्म पर मरने वाले ये हवश है ,ये इश्क़ कभी ना होइ !
बिखरने दीजिये थोड़ा दूर तक चलने दीजिये , थक हार कर रूक जाएगा तभी ठहराव की सुंदरता समझ पायेगा , पर मन ही तो है उसे चलने दीजिये !
गुफ्तगू लब्जो के शिकार हुए हम , तुमहारी बाहों में क्या गिरे तुम्हारे इश्क़ में गिरफ्तार हुए हम !
इतना हसीन दिलरूबा हो तो ढल ही जायेगा , ऐसे प्यार के लिए तो आग पर चलकर भी आएगा !
गिला आसमान मोहब्बत की परवान पर है ,तेरे लब मेरी लबो पर हमारा इश्क़ भी आसमान पर है !
जहर का अपना एक वसूल है अपने नाम की ईमानदारी दिखायेगा जरूर और इश्क़ कैसा भी हो अमृत पिलायेगा जरूर !
तुम्हरा इश्क़ मेरे मिजाज सा है , कभी हँसाये तो कभी रुलाये !
दिलवर आओ मिलकर इश्क़ को हसीन बनाते है ,गाते है ,बजाते है एक दूसरे का हाल सुनाते है ! इश्क़ को थोड़ा परवान चढ़ाते है !
एक अजनबी के करीब का एहसास है , दूर हूँ पर दिल पास है !
जहर दर्द भी है दावा भी है
Depend करता है कि मात्रा कितनी है !
जिसको दिल ने तलाशा था , दिल ने दिल से पुकारा था , ऐ दिल दिलवर को मिलाओ मुझे .. मेरे करीब लाओ उसे ……
आवाज देकर बुलाऊ कैसे
इतनी करीब है वो समझाऊ कैसे ।
मन हसत्ता है रोता है ,
अकेले में भी उसके पास का ऐहसास होता है ,
ये सब उसे बताऊ कैसे !
जीवन बस एहसास है ,
खुशी है ,गम है ,नफरत है ,प्रेम है ,इन सब के बिना किसी को जिंदा कैसे मान लू वो तो बस जिंदा लाश है ।
खुशी है तब भी इतराने की आवश्यकता नही है ,
गम है तब भी घबराने की आवश्यकता नही है !
ये सबकुछ छन भंगुर है , ये जीवन बस सपना सा है ,
इसे अपना बनाने की आवश्यकता नही है !
ऐसी गुस्ताखी ना कीजियेगा देखना देखने की ,आंखे रूक जायेगी , दिल मुस्करायेगा !
मैं तो बस सपना हूँ ,चला जाऊँगा , पर तुम्हे मेरी बहुत याद आएगी !
तड़पना ही सही तड़पने दीजिये ,
इश्क़ तड़पना भी तो है ,चलने दीजिये !
भारत माँ के वीरो आओ खड़े हो जाते है ,
देशद्रोहियो , आतंवादियों को मिलकर मिलकर सबक सिखाते है !
आओ मिलकर राष्ट्रवाद की सीने में दीप जलाते है !!
हसीन आंखों का क्या कह जाता है ! कितना भी मिटा लो दर्द को फिर भी इन आँखों में राह जाता है ! ये इश्क़ है जनाब उसकी खुशी के लिए तो ये आंखे सबकुछ सह जाता है !
प्यास बढ़ गई तो बुझाने कौन आएगा ,
सोचता हूँ अगर इश्क़ की आग में जलने लगा तो बचाने कौन आएगा !
जहाँ में दूर से अपना बताने बहुत आते है ,
पर सोचता हूँ करीब आके अपना बताने कौन आएगा !

